रवि और मितली: एक प्रकृति की कहानी

बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में रवि और मितली नामक दो बच्चे रहते थे। वे दोनों प्रकृति के प्रेमी थे और हर दिन अपने गांव के पास के जंगल में खेलने जाते थे।

एक दिन, रवि और मितली ने जंगल में एक छोटी सी गुफा खोजी। वे निकटवर्ती पेड़ों के बीच में चले गए और उस गुफा में प्रवेश किया।

गुफा के अंदर, रवि और मितली ने अनेक प्रकार के पशु, पक्षी और पेड़-पौधों को देखा। वे अपनी आस-पास की सुंदरता को सराहना करते हुए खुश हो गए।

दिन बिताते हुए, रवि और मितली ने जंगली प्राणियों के साथ खेला, पेड़-पौधों को संवारा और प्रकृति के बारे में नए ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने एक-दूसरे के साथ उत्साह से अपने अनुभवों को साझा किया और प्रकृति की महानता का आनंद लिया।

उत्सव के अंत में, रवि और मितली वापस अपने गांव आ गए और अपने परिवार के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। वे प्रकृति के महत्व को समझते रहे और उसकी संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने का वादा किया।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि प्रकृति हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और हमें उसकी संरक्षण के प्रति सतर्क रहना चाहिए। रवि और मितली ने प्रकृति की खूबसूरती को देखा, उसके साथ मिलकर खेला और अपने अनुभवों को साझा करके प्रकृति के प्रति अपनी जागरूकता बढ़ाई। वे प्रकृति की सुंदरता को सराहना करते रहे और उसे संरक्षित रखने के लिए अपनी संकल्पितता को दिखाते रहे।

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